पोरुथम: दक्षिण भारत के 10 (और 12) विवाह मिलान
दिन, गण, महेंद्र, रज्जु, वेध और बाकी — हर जाँच क्या देखती है और परिणाम कैसे आँका जाता है।
पोरुथम (तमिल में “मेल”) तमिलनाडु और केरल में प्रचलित विवाह मिलान पद्धति है। अष्टकूट की तरह यह भी चंद्रमा के नक्षत्र और राशि की तुलना करती है, पर अंकों के बजाय हर जाँच का परिणाम बस “मिला” या “नहीं मिला” होता है। अधिकतर गिनती वधू के नक्षत्र से वर के नक्षत्र तक होती है।
जाँचें
| 1. दिन | दैनिक सामंजस्य और स्वास्थ्य, नक्षत्र गिनती से। |
|---|---|
| 2. गण | स्वभाव: देव, मनुष्य या राक्षस। |
| 3. महेंद्र | समृद्धि और संतान; गिनती 4, 7, 10, 13, 16, 19, 22 या 25 हो तो मिलान। |
| 4. स्त्री दीर्घ | पत्नी का कल्याण; वर का नक्षत्र वधू के नक्षत्र से 13 से अधिक दूर हो तो मिलान। |
| 5. योनि | शारीरिक अनुकूलता, नक्षत्र के पशु से; शत्रु पशु नहीं मिलते। |
| 6. राशि | दोनों चंद्र राशियों की आपसी स्थिति। |
| 7. राशि अधिपति | दोनों राशि स्वामियों की मित्रता। |
| 8. वश्य | आपसी आकर्षण। |
| 9. रज्जु | 27 नक्षत्र पाँच रज्जुओं में बँटे हैं; दोनों एक ही रज्जु में हों तो मिलान नहीं। |
| 10. वेध | कुछ नक्षत्र जोड़े एक-दूसरे को “बाधित” करते हैं; ऐसा जोड़ा नहीं मिलता। |
| 11. वर्ण | राशि का वर्ण; वर का वर्ण वधू के बराबर या ऊँचा हो। |
| 12. नाड़ी | आदि, मध्य, अंत्य; दोनों की एक नाड़ी हो तो नाड़ी दोष। |
कई लोग पहले 10 ही देखते हैं; वर्ण और नाड़ी जोड़कर 12 देखने वाले भी हैं। AstroRealm सभी 12 दिखाता है।
रज्जु — कौन-सा नक्षत्र किस रज्जु में
| शिरो (सिर) | मृगशिरा, चित्रा, धनिष्ठा |
|---|---|
| कंठ (गला) | रोहिणी, आर्द्रा, हस्त, स्वाति, श्रवण, शतभिषा |
| नाभि | कृत्तिका, पुनर्वसु, उत्तरा फाल्गुनी, विशाखा, उत्तराषाढ़ा, पूर्वा भाद्रपद |
| कटि (कमर) | भरणी, पुष्य, पूर्वा फाल्गुनी, अनुराधा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद |
| पाद (पैर) | अश्विनी, आश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा, मूल, रेवती |
दोनों के नक्षत्र एक ही रज्जु में हों तो रज्जु पोरुथम नहीं मिलता — देखें रज्जु और नाड़ी दोष।
AstroRealm परिणाम कैसे आँकता है
- अस्वीकार — अगर नाड़ी (बिना अपवाद) या वेध न मिले।
- उत्तम — रज्जु, वर्ण, नाड़ी, राशि, राशि अधिपति और स्त्री दीर्घ सभी मिलें।
- मध्यम — कम से कम रज्जु मिले।
- अधम — बाकी स्थितियों में।
कितने मिले, इससे ज़्यादा ज़रूरी है कि कौन-से मिले। कुछ जाँचों में “आंशिक” मिलान भी होता है, इसलिए AstroRealm दो दृष्टियाँ दिखाता है: कठोर (आंशिक = नहीं मिला) और उदार (आंशिक = मिला)। दिन, स्त्री दीर्घ और राशि की सटीक गिनती पर परंपराएँ अलग हैं; इस साइट के नियम इसके सोर्स कोड में प्रकाशित हैं।
यह केवल मार्गदर्शन के लिए है। निर्णय लेने से पहले ज्योतिषी से सलाह लें।