शतभिषा नक्षत्र (Shatabhisha)
शतभिषा 27 नक्षत्रों में 24वाँ नक्षत्र है। इसका स्वामी राहु है, अधिष्ठाता देवता वरुण (जल के स्वामी) हैं, और इसका प्रतीक खाली वृत्त है।
| अंग्रेज़ी / तमिल | Shatabhisha / சதயம் |
|---|---|
| विस्तार (निरयण) | 6°40′ कुंभ – 20°00′ कुंभ |
| राशि | कुंभ (चारों चरण) |
| स्वामी ग्रह (दशा स्वामी) | राहु |
| देवता | वरुण (जल के स्वामी) |
| प्रतीक | खाली वृत्त |
| गण | राक्षस |
| योनि (पशु) | घोड़ा (मादा) |
| नाड़ी | आदि |
| रज्जु | कंठ |
| वेध नक्षत्र | हस्त |
शतभिषा नक्षत्र में जन्मे लोगों की पहली दशा राहु की होती है। विवाह मिलान में इसका राक्षस गण, आदि नाड़ी और कंठ रज्जु साथी के नक्षत्र से मिलाए जाते हैं — पोरुथम कैसे काम करते हैं और रज्जु व नाड़ी क्यों ज़रूरी हैं, पढ़ें।
शतभिषा नक्षत्र की वधू के लिए मिलान
उत्तम — वर का नक्षत्र: सभी चरणों में कोई नहीं।
कुछ चरणों के लिए उत्तम: चित्रा, विशाखा, धनिष्ठा।
अस्वीकार (एक ही नाड़ी या वेध): अश्विनी, आर्द्रा, पुनर्वसु, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, ज्येष्ठा, मूल।
शतभिषा वधू के लिए सभी 27 नक्षत्र
| वर का नक्षत्र | पोरुथम | परिणाम |
|---|---|---|
| विशाखा | 8–9 / 12 | उत्तम या मध्यम (चरण पर निर्भर) |
| चित्रा | 7–9 / 12 | उत्तम या मध्यम (चरण पर निर्भर) |
| धनिष्ठा | 8 / 12 | उत्तम या मध्यम (चरण पर निर्भर) |
| पूर्वाषाढ़ा | 8 / 12 | मध्यम |
| उत्तराषाढ़ा | 7–8 / 12 | मध्यम |
| कृत्तिका | 7 / 12 | मध्यम |
| आश्लेषा | 7 / 12 | मध्यम |
| मघा | 7 / 12 | मध्यम |
| पूर्वा फाल्गुनी | 7 / 12 | मध्यम |
| अनुराधा | 7 / 12 | मध्यम |
| मृगशिरा | 6–7 / 12 | मध्यम |
| पूर्वा भाद्रपद | 4–7 / 12 | मध्यम या अस्वीकार (चरण पर निर्भर) |
| भरणी | 6 / 12 | मध्यम |
| रेवती | 6 / 12 | मध्यम |
| पुष्य | 4 / 12 | मध्यम |
| उत्तरा भाद्रपद | 4 / 12 | मध्यम |
| श्रवण | 8 / 12 | अधम |
| स्वाति | 7 / 12 | अधम |
| रोहिणी | 6 / 12 | अधम |
| शतभिषा | 5–6 / 12 | अधम या अस्वीकार (चरण पर निर्भर) |
| ज्येष्ठा | 8 / 12 | अस्वीकार |
| मूल | 6 / 12 | अस्वीकार |
| उत्तरा फाल्गुनी | 5–6 / 12 | अस्वीकार |
| अश्विनी | 5 / 12 | अस्वीकार |
| पुनर्वसु | 4 / 12 | अस्वीकार |
| आर्द्रा | 3 / 12 | अस्वीकार |
| हस्त | 2 / 12 | अस्वीकार |
शतभिषा नक्षत्र के वर के लिए मिलान
उत्तम — वधू का नक्षत्र: सभी चरणों में कोई नहीं।
कुछ चरणों के लिए उत्तम: पूर्वा भाद्रपद।
अस्वीकार (एक ही नाड़ी या वेध): अश्विनी, आर्द्रा, पुनर्वसु, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, ज्येष्ठा, मूल।
शतभिषा वर के लिए सभी 27 नक्षत्र
| वधू का नक्षत्र | पोरुथम | परिणाम |
|---|---|---|
| पूर्वा भाद्रपद | 3–7 / 12 | उत्तम या अस्वीकार (चरण पर निर्भर) |
| कृत्तिका | 8 / 12 | मध्यम |
| मृगशिरा | 8 / 12 | मध्यम |
| धनिष्ठा | 7–8 / 12 | मध्यम |
| मघा | 7 / 12 | मध्यम |
| चित्रा | 5–7 / 12 | मध्यम |
| विशाखा | 5–7 / 12 | मध्यम |
| उत्तराषाढ़ा | 5–7 / 12 | मध्यम |
| भरणी | 6 / 12 | मध्यम |
| आश्लेषा | 6 / 12 | मध्यम |
| पूर्वा फाल्गुनी | 5 / 12 | मध्यम |
| अनुराधा | 5 / 12 | मध्यम |
| उत्तरा भाद्रपद | 5 / 12 | मध्यम |
| रेवती | 5 / 12 | मध्यम |
| पुष्य | 4 / 12 | मध्यम |
| पूर्वाषाढ़ा | 4 / 12 | मध्यम |
| रोहिणी | 6 / 12 | अधम |
| शतभिषा | 5–6 / 12 | अधम या अस्वीकार (चरण पर निर्भर) |
| स्वाति | 5 / 12 | अधम |
| श्रवण | 5 / 12 | अधम |
| अश्विनी | 7 / 12 | अस्वीकार |
| पुनर्वसु | 4–6 / 12 | अस्वीकार |
| आर्द्रा | 5 / 12 | अस्वीकार |
| ज्येष्ठा | 5 / 12 | अस्वीकार |
| उत्तरा फाल्गुनी | 4–5 / 12 | अस्वीकार |
| मूल | 4 / 12 | अस्वीकार |
| हस्त | 0 / 12 | अस्वीकार |
यहाँ मिलान केवल जन्म नक्षत्रों से है, AstroRealm के नियमों के कठोर दृष्टिकोण से (आंशिक मिलान नहीं गिने गए)। पूरे मिलान के लिए राशि और चरण भी चाहिए, जो जन्म समय से तय होते हैं — दोनों के जन्म विवरण से पूरा मिलान देखें, और निर्णय से पहले ज्योतिषी से सलाह लें।
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