श्रवण नक्षत्र (Shravana)
श्रवण 27 नक्षत्रों में 22वाँ नक्षत्र है। इसका स्वामी चंद्र है, अधिष्ठाता देवता विष्णु (पालनहार) हैं, और इसका प्रतीक कान या तीन पदचिह्न है।
| अंग्रेज़ी / तमिल | Shravana / திருவோணம் |
|---|---|
| विस्तार (निरयण) | 10°00′ मकर – 23°20′ मकर |
| राशि | मकर (चारों चरण) |
| स्वामी ग्रह (दशा स्वामी) | चंद्र |
| देवता | विष्णु (पालनहार) |
| प्रतीक | कान या तीन पदचिह्न |
| गण | देव |
| योनि (पशु) | बंदर (मादा) |
| नाड़ी | अंत्य |
| रज्जु | कंठ |
| वेध नक्षत्र | आर्द्रा |
श्रवण नक्षत्र में जन्मे लोगों की पहली दशा चंद्र की होती है। विवाह मिलान में इसका देव गण, अंत्य नाड़ी और कंठ रज्जु साथी के नक्षत्र से मिलाए जाते हैं — पोरुथम कैसे काम करते हैं और रज्जु व नाड़ी क्यों ज़रूरी हैं, पढ़ें।
श्रवण नक्षत्र की वधू के लिए मिलान
उत्तम — वर का नक्षत्र: सभी चरणों में कोई नहीं।
कुछ चरणों के लिए उत्तम: उत्तराषाढ़ा।
अस्वीकार (एक ही नाड़ी या वेध): कृत्तिका, रोहिणी, आर्द्रा, आश्लेषा, मघा, स्वाति, विशाखा, रेवती।
श्रवण वधू के लिए सभी 27 नक्षत्र
| वर का नक्षत्र | पोरुथम | परिणाम |
|---|---|---|
| उत्तराषाढ़ा | 5–8 / 12 | उत्तम या अस्वीकार (चरण पर निर्भर) |
| पुनर्वसु | 7–9 / 12 | मध्यम |
| अश्विनी | 8 / 12 | मध्यम |
| चित्रा | 7–8 / 12 | मध्यम |
| भरणी | 7 / 12 | मध्यम |
| पुष्य | 7 / 12 | मध्यम |
| अनुराधा | 7 / 12 | मध्यम |
| ज्येष्ठा | 7 / 12 | मध्यम |
| पूर्वाषाढ़ा | 7 / 12 | मध्यम |
| पूर्वा भाद्रपद | 7 / 12 | मध्यम |
| उत्तरा फाल्गुनी | 6–7 / 12 | मध्यम |
| धनिष्ठा | 6–7 / 12 | मध्यम |
| मृगशिरा | 5–7 / 12 | मध्यम |
| मूल | 6 / 12 | मध्यम |
| पूर्वा फाल्गुनी | 5 / 12 | मध्यम |
| उत्तरा भाद्रपद | 5 / 12 | मध्यम |
| हस्त | 7 / 12 | अधम |
| श्रवण | 5–6 / 12 | अधम या अस्वीकार (चरण पर निर्भर) |
| शतभिषा | 5 / 12 | अधम |
| आश्लेषा | 7 / 12 | अस्वीकार |
| रेवती | 7 / 12 | अस्वीकार |
| विशाखा | 6–7 / 12 | अस्वीकार |
| स्वाति | 6 / 12 | अस्वीकार |
| कृत्तिका | 5 / 12 | अस्वीकार |
| मघा | 5 / 12 | अस्वीकार |
| रोहिणी | 4 / 12 | अस्वीकार |
| आर्द्रा | 1 / 12 | अस्वीकार |
श्रवण नक्षत्र के वर के लिए मिलान
उत्तम — वधू का नक्षत्र: सभी चरणों में कोई नहीं।
कुछ चरणों के लिए उत्तम: मृगशिरा, धनिष्ठा।
अस्वीकार (एक ही नाड़ी या वेध): कृत्तिका, रोहिणी, आर्द्रा, आश्लेषा, मघा, स्वाति, विशाखा, रेवती।
श्रवण वर के लिए सभी 27 नक्षत्र
| वधू का नक्षत्र | पोरुथम | परिणाम |
|---|---|---|
| मृगशिरा | 7–9 / 12 | उत्तम या मध्यम (चरण पर निर्भर) |
| धनिष्ठा | 7 / 12 | उत्तम या मध्यम (चरण पर निर्भर) |
| अश्विनी | 9 / 12 | मध्यम |
| पूर्वा भाद्रपद | 8–9 / 12 | मध्यम |
| उत्तराषाढ़ा | 5–9 / 12 | मध्यम या अस्वीकार (चरण पर निर्भर) |
| भरणी | 8 / 12 | मध्यम |
| पुनर्वसु | 8 / 12 | मध्यम |
| उत्तरा भाद्रपद | 8 / 12 | मध्यम |
| पुष्य | 7 / 12 | मध्यम |
| चित्रा | 5–7 / 12 | मध्यम |
| उत्तरा फाल्गुनी | 5–6 / 12 | मध्यम |
| अनुराधा | 5 / 12 | मध्यम |
| मूल | 5 / 12 | मध्यम |
| पूर्वाषाढ़ा | 5 / 12 | मध्यम |
| पूर्वा फाल्गुनी | 4 / 12 | मध्यम |
| ज्येष्ठा | 3 / 12 | मध्यम |
| शतभिषा | 8 / 12 | अधम |
| श्रवण | 5–6 / 12 | अधम या अस्वीकार (चरण पर निर्भर) |
| हस्त | 5 / 12 | अधम |
| रोहिणी | 7 / 12 | अस्वीकार |
| रेवती | 7 / 12 | अस्वीकार |
| कृत्तिका | 6–7 / 12 | अस्वीकार |
| स्वाति | 6 / 12 | अस्वीकार |
| विशाखा | 3–6 / 12 | अस्वीकार |
| आश्लेषा | 5 / 12 | अस्वीकार |
| आर्द्रा | 4 / 12 | अस्वीकार |
| मघा | 4 / 12 | अस्वीकार |
यहाँ मिलान केवल जन्म नक्षत्रों से है, AstroRealm के नियमों के कठोर दृष्टिकोण से (आंशिक मिलान नहीं गिने गए)। पूरे मिलान के लिए राशि और चरण भी चाहिए, जो जन्म समय से तय होते हैं — दोनों के जन्म विवरण से पूरा मिलान देखें, और निर्णय से पहले ज्योतिषी से सलाह लें।
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