धनिष्ठा नक्षत्र (Dhanishta)
धनिष्ठा 27 नक्षत्रों में 23वाँ नक्षत्र है। इसका स्वामी मंगल है, अधिष्ठाता देवता अष्ट वसु हैं, और इसका प्रतीक मृदंग है।
| अंग्रेज़ी / तमिल | Dhanishta / அவிட்டம் |
|---|---|
| विस्तार (निरयण) | 23°20′ मकर – 6°40′ कुंभ |
| राशि | मकर (चरण 1, 2); कुंभ (चरण 3, 4) |
| स्वामी ग्रह (दशा स्वामी) | मंगल |
| देवता | अष्ट वसु |
| प्रतीक | मृदंग |
| गण | राक्षस |
| योनि (पशु) | सिंह (मादा) |
| नाड़ी | मध्य |
| रज्जु | शिरो |
| वेध नक्षत्र | मृगशिरा, चित्रा |
धनिष्ठा नक्षत्र में जन्मे लोगों की पहली दशा मंगल की होती है। विवाह मिलान में इसका राक्षस गण, मध्य नाड़ी और शिरो रज्जु साथी के नक्षत्र से मिलाए जाते हैं — पोरुथम कैसे काम करते हैं और रज्जु व नाड़ी क्यों ज़रूरी हैं, पढ़ें।
धनिष्ठा नक्षत्र की वधू के लिए मिलान
उत्तम — वर का नक्षत्र: सभी चरणों में कोई नहीं।
कुछ चरणों के लिए उत्तम: स्वाति, विशाखा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण।
अस्वीकार (एक ही नाड़ी या वेध): भरणी, मृगशिरा, पुष्य, पूर्वा फाल्गुनी, चित्रा, अनुराधा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद।
धनिष्ठा वधू के लिए सभी 27 नक्षत्र
| वर का नक्षत्र | पोरुथम | परिणाम |
|---|---|---|
| स्वाति | 8 / 12 | उत्तम या मध्यम (चरण पर निर्भर) |
| विशाखा | 7–8 / 12 | उत्तम या मध्यम (चरण पर निर्भर) |
| उत्तराषाढ़ा | 6–8 / 12 | उत्तम या मध्यम (चरण पर निर्भर) |
| श्रवण | 7 / 12 | उत्तम या मध्यम (चरण पर निर्भर) |
| मघा | 7–8 / 12 | मध्यम |
| मूल | 7–8 / 12 | मध्यम |
| शतभिषा | 7–8 / 12 | मध्यम |
| कृत्तिका | 7 / 12 | मध्यम |
| ज्येष्ठा | 7 / 12 | मध्यम |
| आश्लेषा | 6–7 / 12 | मध्यम |
| हस्त | 6–7 / 12 | मध्यम |
| पूर्वा भाद्रपद | 5–7 / 12 | मध्यम |
| अश्विनी | 6 / 12 | मध्यम |
| रोहिणी | 6 / 12 | मध्यम |
| उत्तरा फाल्गुनी | 5–6 / 12 | मध्यम |
| आर्द्रा | 4–5 / 12 | मध्यम |
| रेवती | 4–5 / 12 | मध्यम |
| पुनर्वसु | 3–5 / 12 | मध्यम |
| धनिष्ठा | 5–7 / 12 | अधम या अस्वीकार (चरण पर निर्भर) |
| अनुराधा | 6 / 12 | अस्वीकार |
| पुष्य | 5–6 / 12 | अस्वीकार |
| पूर्वा फाल्गुनी | 5–6 / 12 | अस्वीकार |
| पूर्वाषाढ़ा | 5–6 / 12 | अस्वीकार |
| उत्तरा भाद्रपद | 5–6 / 12 | अस्वीकार |
| चित्रा | 4–6 / 12 | अस्वीकार |
| भरणी | 5 / 12 | अस्वीकार |
| मृगशिरा | 1–3 / 12 | अस्वीकार |
धनिष्ठा नक्षत्र के वर के लिए मिलान
उत्तम — वधू का नक्षत्र: सभी चरणों में कोई नहीं।
कुछ चरणों के लिए उत्तम: कृत्तिका, रोहिणी, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद।
अस्वीकार (एक ही नाड़ी या वेध): भरणी, मृगशिरा, पुष्य, पूर्वा फाल्गुनी, चित्रा, अनुराधा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद।
धनिष्ठा वर के लिए सभी 27 नक्षत्र
| वधू का नक्षत्र | पोरुथम | परिणाम |
|---|---|---|
| पूर्वा भाद्रपद | 6–9 / 12 | उत्तम या मध्यम (चरण पर निर्भर) |
| शतभिषा | 8 / 12 | उत्तम या मध्यम (चरण पर निर्भर) |
| कृत्तिका | 7–8 / 12 | उत्तम या मध्यम (चरण पर निर्भर) |
| रोहिणी | 7–8 / 12 | उत्तम या मध्यम (चरण पर निर्भर) |
| विशाखा | 5–8 / 12 | मध्यम |
| आर्द्रा | 6–7 / 12 | मध्यम |
| आश्लेषा | 6–7 / 12 | मध्यम |
| स्वाति | 6–7 / 12 | मध्यम |
| श्रवण | 6–7 / 12 | मध्यम |
| रेवती | 5–7 / 12 | मध्यम |
| अश्विनी | 6 / 12 | मध्यम |
| मघा | 5–6 / 12 | मध्यम |
| पुनर्वसु | 4–6 / 12 | मध्यम |
| उत्तराषाढ़ा | 3–6 / 12 | मध्यम |
| ज्येष्ठा | 5 / 12 | मध्यम |
| हस्त | 4–5 / 12 | मध्यम |
| मूल | 4 / 12 | मध्यम |
| उत्तरा फाल्गुनी | 3–4 / 12 | मध्यम |
| धनिष्ठा | 5–7 / 12 | अधम या अस्वीकार (चरण पर निर्भर) |
| भरणी | 6 / 12 | अस्वीकार |
| उत्तरा भाद्रपद | 4–6 / 12 | अस्वीकार |
| पुष्य | 4–5 / 12 | अस्वीकार |
| पूर्वा फाल्गुनी | 4–5 / 12 | अस्वीकार |
| मृगशिरा | 3–5 / 12 | अस्वीकार |
| चित्रा | 2–5 / 12 | अस्वीकार |
| पूर्वाषाढ़ा | 4 / 12 | अस्वीकार |
| अनुराधा | 3 / 12 | अस्वीकार |
यहाँ मिलान केवल जन्म नक्षत्रों से है, AstroRealm के नियमों के कठोर दृष्टिकोण से (आंशिक मिलान नहीं गिने गए)। पूरे मिलान के लिए राशि और चरण भी चाहिए, जो जन्म समय से तय होते हैं — दोनों के जन्म विवरण से पूरा मिलान देखें, और निर्णय से पहले ज्योतिषी से सलाह लें।
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